The Lost Call – आधी रात की खोई हुई कॉल | Real Horror Story in Hi
Author : Divant Sharma | Published On : 07 Aug 2026
रात के 2:46 बज रहे थे। पूरा शहर गहरी नींद में था। बाहर हल्की बारिश हो रही थी और बीच-बीच में बिजली चमक रही थी। सड़क पर दूर तक कोई दिखाई नहीं दे रहा था।
आरव अपने कमरे में लैपटॉप पर काम कर रहा था। तभी उसका मोबाइल अचानक बज उठा।
स्क्रीन पर कोई नंबर नहीं था।
न कोई नाम...
न कोई देश का कोड...
सिर्फ़ लिखा था—
"Incoming Call..."
पहले तो उसने कॉल काट दी।
लेकिन पाँच सेकंड बाद फिर वही कॉल आ गई।
इस बार उसने रिसीव कर ली।
कुछ सेकंड तक दूसरी तरफ़ सिर्फ़ साँस लेने की आवाज़ आती रही।
फिर किसी आदमी की घबराई हुई आवाज़ सुनाई दी—
"फोन मत काटना... वो मेरे पीछे खड़ा है..."
आरव कुछ समझ पाता, उससे पहले कॉल कट गई।
अगर आपको real horror story in hindi पढ़ना पसंद है, तो यह कहानी आपकी कल्पना से कहीं ज़्यादा डरावनी साबित हो सकती है।
अजीब नंबर
आरव ने तुरंत कॉल बैक करने की कोशिश की।
लेकिन मोबाइल पर लिखा आया—
Number Does Not Exist.
उसने सोचा शायद कोई तकनीकी गड़बड़ी होगी।
लेकिन अगले ही पल उसके फोन पर एक मैसेज आया।
उसमें सिर्फ़ तीन शब्द लिखे थे—
"खिड़की मत खोलना।"
आरव चौंक गया।
क्योंकि उसी समय उसके कमरे की खिड़की पर किसी ने हल्के से दस्तक दी।
बारिश में खड़ा आदमी
उसने पर्दा थोड़ा-सा हटाकर बाहर देखा।
बारिश के बीच सड़क पर एक लंबा आदमी खड़ा था।
उसने काला रेनकोट पहन रखा था।
उसका चेहरा दिखाई नहीं दे रहा था।
सबसे अजीब बात...
वह सीधे आरव की खिड़की की तरफ़ देख रहा था।
लगभग पाँच मिनट तक वह वहीं खड़ा रहा।
फिर धीरे-धीरे अंधेरे में गायब हो गया।
दूसरी कॉल
रात के 3:03 बजे फोन फिर बजा।
इस बार वही आवाज़ पहले से ज़्यादा घबराई हुई थी।
**"अगर वह तुम्हें दिखाई दे गया है...
तो अब वह तुम्हें छोड़ने वाला नहीं।"**
आरव ने पूछा—
"तुम हो कौन?"
कुछ सेकंड तक चुप्पी रही।
फिर जवाब आया—
"मैं... तुम ही हूँ।"
फोन तुरंत कट गया।
पुरानी रिकॉर्डिंग
अगले दिन आरव अपने दोस्त निखिल के पास गया।
निखिल साइबर एक्सपर्ट था।
उसने कॉल रिकॉर्ड निकालने की कोशिश की।
लेकिन रिकॉर्ड में उस रात कोई कॉल दर्ज ही नहीं थी।
सिर्फ़ एक ऑडियो फ़ाइल मिली।
उसकी तारीख़ देखकर दोनों हैरान रह गए।
14 जुलाई 2034
जबकि अभी साल 2026 चल रहा था।
भविष्य की आवाज़
उन्होंने रिकॉर्डिंग चलाई।
उसमें आरव की अपनी आवाज़ थी।
वह घबराकर बोल रहा था—
**"अगर तुम यह रिकॉर्डिंग सुन रहे हो...
तो खिड़की कभी मत खोलना।
मैंने वही गलती की थी।"**
आरव के हाथ काँपने लगे।
उसने ऐसी कोई रिकॉर्डिंग कभी नहीं बनाई थी।
पुराना टेलीफोन एक्सचेंज
जाँच करते-करते उन्हें शहर के बाहर बंद पड़े एक पुराने टेलीफोन एक्सचेंज का पता चला।
कहा जाता था कि कई साल पहले वहाँ भीषण आग लगी थी।
उस हादसे में कई कर्मचारी मारे गए थे।
लेकिन एक ऑपरेटर की लाश कभी नहीं मिली।
लोग कहते थे...
उसकी आत्मा आज भी गलत लोगों को गलत समय पर कॉल करती है।
बंद कमरा
दोनों रात को एक्सचेंज पहुँचे।
अंदर सब कुछ धूल से ढका था।
टूटी हुई तारें...
पुराने टेलीफोन...
और दीवारों पर जले हुए निशान।
एक कमरे में उन्हें एक टेबल मिली।
उस पर एक काला टेलीफोन रखा था।
अचानक...
फोन अपने आप बजने लगा।
तीसरी कॉल
निखिल ने डरते हुए रिसीवर उठाया।
दूसरी तरफ़ से सिर्फ़ एक लाइन सुनाई दी—
"वह अब तुम्हारे पीछे खड़ा है..."
दोनों ने एक साथ पीछे देखा।
कमरा खाली था।
लेकिन दीवार पर उनकी दो परछाइयाँ नहीं...
तीन परछाइयाँ दिखाई दे रही थीं।
भागने की कोशिश
दोनों दौड़कर बाहर निकले।
लेकिन बाहर का दरवाज़ा गायब था।
पूरा एक्सचेंज बदल चुका था।
ऐसा लग रहा था जैसे वे कई दशक पीछे पहुँच गए हों।
चारों तरफ़ पुराने टेलीफोन ऑपरेटर काम कर रहे थे।
सभी के चेहरे जले हुए थे।
लेकिन कोई भी उनकी तरफ़ नहीं देख रहा था।
आख़िरी ऑपरेटर
कमरे के आखिर में एक बूढ़ा ऑपरेटर बैठा था।
उसने बिना सिर उठाए कहा—
**"हर कॉल किसी न किसी तक पहुँचती है।
लेकिन कुछ कॉल...
समय के पार भी चली जाती हैं।"**
उसने धीरे-धीरे सिर उठाया।
उसकी आँखों की जगह सिर्फ़ काला अंधेरा था।
वापसी
अचानक पूरे कमरे की लाइट बंद हो गई।
फोन की घंटियाँ एक साथ बजने लगीं।
आरव ने आँखें बंद कर लीं।
कुछ सेकंड बाद...
वह और निखिल एक्सचेंज के बाहर सड़क पर पड़े थे।
सुबह हो चुकी थी।
उन्हें लगा सब खत्म हो गया।
आख़िरी संदेश
घर पहुँचते ही आरव के मोबाइल पर एक नया वॉइसमेल आया।
उसमें वही आवाज़ थी—
**"धन्यवाद...
अब अगली कॉल किसी और को जाएगी।"**
उसने तुरंत मोबाइल बंद कर दिया।
लेकिन अगले दिन...
वही वॉइसमेल फिर मौजूद था।
इस बार उसके नीचे लिखा था—
Forwarded Successfully
अंत
आज भी कुछ लोग दावा करते हैं कि उन्हें आधी रात के बाद बिना नंबर वाली कॉल आती है।
अगर आप कॉल उठाएँ...
तो दूसरी तरफ़ कोई आपकी ही आवाज़ में बात करता है।
अगर कभी आपके मोबाइल पर बिना नंबर की कॉल आए...
और कोई धीरे से कहे—
"पीछे मत देखना..."
तो उसकी बात मान लेना।
क्योंकि हर कॉल किसी इंसान की नहीं होती।
कुछ कॉल...
सिर्फ़ अपने अगले शिकार की तलाश में होती हैं।
अगर आपको ऐसी horror story in hindi पसंद है, तो ऐसी unexpected stories यह साबित करती हैं कि सबसे बड़ा डर हमेशा किसी भूत में नहीं...
कभी-कभी एक साधारण-सी फोन कॉल में भी छिपा हो सकता है।
पूरी कहानी पढ़ने के लिए यहाँ जाएँ:
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