The Locked Room – बंद कमरे के अंदर कौन था?
Author : Divem Sharma | Published On : 12 Aug 2026
रवि ने शहर से बाहर एक पुराना मकान किराए पर लिया था।
मकान सस्ता था, बड़ा था और आसपास कोई दूसरा घर नहीं था। मकान मालिक ने चाबी देते समय बस एक बात कही—
"ऊपर वाला कमरा मत खोलना।"
रवि ने पूछा, "क्यों?"
मकान मालिक ने कोई जवाब नहीं दिया।
पहली रात
रात करीब 1 बजे रवि की नींद अचानक खुल गई।
ऊपर से किसी के चलने की आवाज़ आ रही थी।
ठक... ठक... ठक...
रवि ने सोचा शायद कोई बिल्ली होगी।
लेकिन फिर आवाज़ के साथ किसी बच्चे के हँसने की आवाज़ आई।
वह धीरे-धीरे सीढ़ियों के पास गया।
ऊपर जाने वाला दरवाज़ा बंद था।
अंदर से आवाज़ आई—
"रवि..."
वह तुरंत पीछे हट गया।
पुरानी चाबी
अगली सुबह रवि ने मकान मालिक से पूछा।
मकान मालिक ने कहा—
"मैंने कहा था ना, ऊपर मत जाना।"
रवि ने दबाव डाला।
आखिरकार उसने एक पुरानी चाबी रवि को दे दी।
"अगर खोलोगे तो अपनी जिम्मेदारी पर।"
रवि ने चाबी जेब में रख ली।
कमरा
उस रात रवि ने दरवाज़ा खोल दिया।
कमरे के अंदर पुराना फर्नीचर था।
एक मेज।
एक टूटा हुआ आईना।
और दीवार पर लगी कई तस्वीरें।
तस्वीरों में एक ही परिवार दिखाई दे रहा था।
एक आदमी, एक महिला और एक छोटी बच्ची।
आखिरी तस्वीर में तीनों बैठे थे।
लेकिन उनके बीच एक चौथी कुर्सी खाली थी।
उस कुर्सी के नीचे एक तारीख़ लिखी थी—
आज की तारीख़।
आईने का रहस्य
रवि ने आईने में देखा।
उसका प्रतिबिंब दिखाई दे रहा था।
लेकिन उसके पीछे...
वही छोटी बच्ची खड़ी थी।
रवि ने तुरंत पीछे देखा।
कमरा खाली था।
फिर आईने में देखा।
बच्ची अब और करीब थी।
उसने धीरे से कहा—
"आप मेरी जगह बैठ गए।"
रवि का शरीर काँपने लगा।
पुरानी डायरी
मेज पर एक डायरी पड़ी थी।
रवि ने उसे खोला।
पहले पन्ने पर लिखा था—
"इस कमरे में जो भी आता है, उसे चौथी कुर्सी पर बैठना पड़ता है।"
अगले पन्ने पर कई नाम थे।
हर नाम के सामने एक तारीख़।
सबसे आखिरी नाम...
रवि।
दरवाज़ा बंद
रवि ने कमरे से बाहर निकलने की कोशिश की।
दरवाज़ा बंद हो चुका था।
उसने जोर से दरवाज़ा पीटा।
तभी कमरे में रखी चौथी कुर्सी अपने आप खिसककर उसके सामने आ गई।
आईने में बच्ची मुस्कुरा रही थी।
फिर उसने कहा—
"बैठ जाइए।"
रवि पीछे हटता गया।
कुर्सी धीरे-धीरे उसके पास आती रही।
अगली सुबह
मकान मालिक सुबह घर पहुँचा।
ऊपर का कमरा खुला था।
अंदर रवि नहीं था।
सिर्फ़ चार कुर्सियाँ थीं।
तीन कुर्सियों पर धूल जमी थी।
चौथी कुर्सी बिल्कुल साफ़ थी।
और उसके ऊपर रवि की घड़ी रखी थी।
मकान मालिक ने कमरे का दरवाज़ा फिर बंद कर दिया।
उसने किसी को कुछ नहीं बताया।
कई साल बाद भी वह कमरा बंद है।
स्थानीय लोग इस घटना को एक real horror story in hindi के रूप में सुनाते हैं, लेकिन कोई यह साबित नहीं कर पाया कि रवि आखिर कहाँ गया।
सबसे अजीब बात यह है कि घर में रहने वाले हर नए व्यक्ति को रात में ऊपर से चार लोगों के चलने की आवाज़ सुनाई देती है।
तीन कदम पुराने होते हैं।
लेकिन चौथे कदमों की आवाज़...
हर बार नई होती है।
शायद इसी वजह से ऐसी horror story in hindi सुनने के बाद लोग पुराने मकानों के बंद कमरों को लेकर सावधान रहते हैं।
और ऐसी कई unexpected stories की तरह इस कहानी का भी सबसे डरावना सवाल यही है—
अगर कमरे में पहले से तीन लोग थे, तो चौथी कुर्सी किसके लिए थी?
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