The Locked Flat – बंद फ्लैट के अंदर कौन था?
Author : Divem Sharma | Published On : 03 Oct 2026
शहर की ऊँची इमारतों में हर फ्लैट की अपनी कहानी होती है।
लेकिन कुछ दरवाज़े ऐसे होते हैं जिन्हें खोलने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
अमन ने जब नई सोसाइटी में फ्लैट लिया, तो उसे सामने वाले बंद फ्लैट के बारे में कुछ पता नहीं था।
उसके फ्लैट के ठीक सामने नंबर 804 था।
दरवाज़े पर मोटा ताला लगा था।
सोसाइटी के गार्ड ने सिर्फ़ इतना कहा—
"साहब, उस फ्लैट के बारे में मत पूछना।"
अमन हँस दिया।
उसे लगा शायद फ्लैट लंबे समय से खाली होगा।
आधी रात की आवाज़
पहली रात करीब 2 बजे अमन की नींद खुली।
उसे दरवाज़े के बाहर किसी के चलने की आवाज़ सुनाई दी।
टक...
टक...
टक...
वह दरवाज़े के पास गया।
पीपहोल से देखा।
गलियारा खाली था।
तभी सामने वाले फ्लैट 804 के अंदर से किसी चीज़ के गिरने की आवाज़ आई।
अमन पीछे हट गया।
फ्लैट तो बंद था।
दरवाज़े के नीचे से रोशनी
अगली रात वही आवाज़ फिर आई।
इस बार अमन ने ध्यान से देखा।
804 के दरवाज़े के नीचे से हल्की पीली रोशनी बाहर आ रही थी।
उसने पड़ोसी को फोन किया।
पड़ोसी ने कहा—
"वहाँ बिजली का कनेक्शन ही नहीं है।"
अमन ने फोन रख दिया।
रोशनी कुछ सेकंड बाद गायब हो गई।
पुरानी तस्वीर
अमन ने अगले दिन गार्ड से पूछा।
गार्ड पहले तो चुप रहा।
फिर उसने मोबाइल में एक पुरानी तस्वीर दिखाई।
तस्वीर में 804 के सामने एक परिवार खड़ा था।
एक आदमी...
एक औरत...
और लगभग दस साल का बच्चा।
गार्ड ने कहा—
"ये लोग यहाँ रहते थे।"
अमन ने पूछा—
"अब कहाँ हैं?"
गार्ड ने जवाब दिया—
"किसी को नहीं पता।"
लिफ्ट में बच्चा
उस रात अमन ऑफिस से लौटा।
लिफ्ट में उसके साथ एक छोटा बच्चा भी था।
बच्चे ने आठवीं मंज़िल का बटन दबाया।
फिर अमन से पूछा—
"आप 804 के सामने रहते हो?"
अमन चौंक गया।
"हाँ।"
बच्चा मुस्कुराया।
"वहाँ रात को दरवाज़ा मत खोलना।"
लिफ्ट आठवीं मंज़िल पर रुकी।
बच्चा बाहर निकला।
अमन उसके पीछे गया।
लेकिन गलियारे में कोई बच्चा नहीं था।
दरवाज़ा खुला था
रात 2:17 बजे अमन की घंटी बजी।
वह डरते हुए बाहर आया।
804 का दरवाज़ा खुला हुआ था।
अंदर अंधेरा था।
फिर अंदर से आवाज़ आई—
"अमन..."
वह आवाज़ उसकी माँ की थी।
लेकिन उसकी माँ उस समय दूसरे शहर में रहती थी।
अमन ने दरवाज़ा बंद कर दिया।
सुबह का सच
सुबह सोसाइटी के मैनेजर के साथ वह 804 तक गया।
दरवाज़ा खोला गया।
अंदर धूल जमी थी।
कमरा बिल्कुल खाली था।
लेकिन दीवार पर एक पुरानी फैमिली फोटो लगी थी।
अमन फोटो देखते ही जम गया।
वही बच्चा...
वही आदमी...
और वही औरत।
और तस्वीर के पीछे तारीख थी—
बारह साल पुरानी।
सबसे डरावनी बात यह थी कि फोटो में पीछे खड़ा बच्चा...
बिल्कुल अमन जैसा दिखता था।
आज भी अमन उस फ्लैट में नहीं रहता।
उस घटना को कई लोग real horror story in hindi के रूप में सुनाते हैं।
लेकिन अमन के लिए वह सिर्फ़ कहानी नहीं थी।
ऐसी horror story in hindi का डर यही है कि कभी-कभी बंद दरवाज़े के पीछे कोई इंसान नहीं...
बल्कि कोई पुरानी याद आपका इंतज़ार कर रही होती है।
और ऐसी unexpected stories हमें यह सोचने पर मजबूर करती हैं कि कुछ घर खाली होकर भी खाली नहीं होते।
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