The House at the End of the Road – सड़क के आखिरी छोर का घर
Author : Divem Sharma | Published On : 31 Jul 2026
हर शहर में एक ऐसी सड़क ज़रूर होती है जहाँ लोग दिन में तो बिना किसी डर के चले जाते हैं, लेकिन रात होते ही वहाँ का नाम लेने से भी कतराते हैं। उस सड़क के आखिर में बना एक पुराना घर वर्षों से वीरान था। खिड़कियाँ टूटी हुई थीं, दीवारों पर काई जमी थी और लोहे का गेट हमेशा आधा खुला रहता था।
लोग कहते थे कि उस घर में कोई रहता नहीं था...
फिर भी हर रात उसकी खिड़कियों में रोशनी दिखाई देती थी।
आज की real horror story in hindi उसी रहस्यमयी घर की कहानी है।
सड़क जिसका कोई अंत नहीं
देहरादून के बाहरी इलाके में एक पुरानी सड़क थी जिसे लोग "ओल्ड रिज रोड" कहते थे।
दिन के समय वहाँ कुछ गाड़ियाँ गुजर जाती थीं।
लेकिन शाम के बाद पूरी सड़क खाली हो जाती।
स्थानीय लोगों का दावा था कि अगर कोई आधी रात के बाद उस सड़क पर चलता रहे, तो उसे आखिर में वही घर दिखाई देता है।
लेकिन वापसी के समय सड़क पहले जैसी नहीं रहती।
करण की जिज्ञासा
करण एक ट्रैवल व्लॉगर था।
उसे ऐसी जगहों पर जाकर वीडियो बनाना पसंद था जहाँ लोग जाने से डरते थे।
जब उसने उस घर की कहानी सुनी, तो कैमरा उठाया और अकेले ही वहाँ पहुँच गया।
रास्ते में उसे एक बूढ़ी महिला मिली।
उसने कहा,
"अगर घर के अंदर कोई तुम्हें नाम लेकर बुलाए...
तो जवाब मत देना।"
करण ने हँसते हुए धन्यवाद कहा और आगे बढ़ गया।
पहला कदम
रात के लगभग ग्यारह बजे वह घर के सामने खड़ा था।
लोहे का गेट हवा के बिना ही धीरे-धीरे खुल गया।
घर के अंदर धूल जमी हुई थी।
लकड़ी की सीढ़ियाँ चरमराती थीं।
दीवारों पर पुराने परिवार की तस्वीरें टंगी थीं।
लेकिन एक अजीब बात थी।
हर तस्वीर में किसी एक व्यक्ति का चेहरा पूरी तरह खरोंचा हुआ था।
करण ने कैमरा चालू किया।
रिकॉर्डिंग शुरू हुई।
उसे पहली बार महसूस हुआ कि यह किसी साधारण horror story in hindi जैसी जगह नहीं थी।
बंद घड़ी
ड्रॉइंग रूम में एक बड़ी दीवार घड़ी लगी थी।
उसकी सुइयाँ रात के 12:07 पर रुकी हुई थीं।
जैसे ही करण उसके पास पहुँचा...
घड़ी अपने आप चलने लगी।
टिक... टिक... टिक...
उसी समय ऊपर की मंज़िल से किसी के धीरे-धीरे चलने की आवाज़ आई।
लकड़ी के फर्श पर कदमों की आवाज़ बिल्कुल साफ सुनाई दे रही थी।
लेकिन घर में उसके अलावा कोई नहीं था।
बच्चों का कमरा
करण सीढ़ियाँ चढ़कर ऊपर पहुँचा।
एक कमरा आधा खुला हुआ था।
अंदर पुराने खिलौने बिखरे पड़े थे।
एक लकड़ी का घोड़ा अपने आप हिल रहा था।
कमरे के कोने में रखी गुड़िया का सिर धीरे-धीरे उसकी तरफ घूम गया।
उसने तुरंत कैमरा उस तरफ किया।
वीडियो में गुड़िया बिल्कुल स्थिर थी।
लेकिन असल में उसकी आँखें करण का पीछा कर रही थीं।
कई लोग ऐसी घटनाओं को सिर्फ short horror story in hindi समझकर पढ़ लेते हैं, लेकिन उस रात करण को महसूस हो रहा था कि घर का हर कमरा उसे देख रहा है।
पुरानी डायरी
मास्टर बेडरूम की अलमारी में एक चमड़े की डायरी रखी थी।
वह घर के मालिक की थी।
उसमें लिखा था कि इस घर में रहने वाला पूरा परिवार एक रात अचानक गायब हो गया।
किसी ने उन्हें जाते हुए नहीं देखा।
सिर्फ घर के अंदर उनके जूते, कपड़े और खाना रखा मिला।
डायरी के आखिरी पन्ने पर सिर्फ एक लाइन लिखी थी—
"घर कभी खाली नहीं होता..."
करण की धड़कनें तेज़ हो गईं।
आईने का कमरा
गलियारे के आखिर में एक कमरा था जिसकी चारों दीवारों पर बड़े-बड़े आईने लगे थे।
करण अंदर गया।
हर आईने में उसकी अलग-अलग परछाई दिखाई दे रही थी।
लेकिन बीच वाले आईने में वह अकेला नहीं था।
उसके पीछे एक छोटी लड़की खड़ी थी।
सफेद फ्रॉक...
बिखरे बाल...
और चेहरे पर हल्की मुस्कान।
करण तुरंत पीछे मुड़ा।
कमरा खाली था।
दोबारा आईने की तरफ देखा...
अब लड़की पहले से और करीब आ चुकी थी।
यहीं से इस mystery story hindi का सबसे डरावना अध्याय शुरू हुआ।
आधी रात की आवाज़
अचानक पूरे घर की लाइट जल उठी।
नीचे से किसी महिला की आवाज़ आई—
"खाना तैयार है..."
फिर एक आदमी की आवाज़—
"सब लोग नीचे आ जाओ..."
इसके बाद बच्चों की हँसी पूरे घर में गूँजने लगी।
करण ने सीढ़ियों से नीचे झाँका।
डाइनिंग टेबल पर पूरा परिवार बैठा था।
लेकिन सभी की कुर्सियाँ उसकी तरफ मुड़ी हुई थीं।
वे खाना नहीं खा रहे थे।
सिर्फ उसे देख रहे थे।
धीरे-धीरे सभी एक साथ मुस्कुराने लगे।
आखिरी दरवाज़ा
करण पूरी ताकत से बाहर भागा।
मुख्य दरवाज़ा खुल नहीं रहा था।
उसने पूरी ताकत लगाई।
अचानक दरवाज़ा अपने आप खुल गया।
वह सड़क पर आ गया।
पीछे मुड़कर देखा...
पूरा घर फिर से अंधेरे में डूब चुका था।
जैसे वहाँ कभी कोई था ही नहीं।
सुबह जब उसने कैमरे की रिकॉर्डिंग देखी, तो पूरी रात का वीडियो गायब था।
सिर्फ आखिरी दृश्य बचा था।
वीडियो में वह घर के बाहर खड़ा था।
लेकिन ऊपर की खिड़की से पूरा परिवार उसे देख रहा था।
और सबसे आखिर में वही छोटी लड़की हाथ हिलाते हुए मुस्कुरा रही थी।
आज भी उस सड़क से गुजरने वाले लोग रात होने से पहले अपना रास्ता बदल लेते हैं।
कहा जाता है कि अगर किसी सुनसान सड़क के आखिर में कोई पुराना घर दिखाई दे और उसके अंदर से कोई तुम्हें नाम लेकर बुलाए...
तो कभी जवाब मत देना।
क्योंकि कुछ घर ईंट और पत्थर से नहीं बनते...
वे उन लोगों की यादों से बनते हैं जो कभी वहाँ से जा ही नहीं पाए।
इसी वजह से लोग इसे सिर्फ एक suspense story hindi नहीं, बल्कि एक ऐसा रहस्य मानते हैं जो आज भी ज़िंदा है।
पूरी कहानी पढ़ने के लिए यहाँ जाएँ:
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