The Cursed Elevator – शापित लिफ्ट का रहस्य | Real Horror Story i

Author : Divem Sharma | Published On : 04 Aug 2026

मुंबई की भीड़भाड़ से दूर शहर के बाहरी इलाके में एक 32 मंज़िला कॉर्पोरेट बिल्डिंग थी। दिन में वहाँ हजारों लोग काम करते थे, लेकिन रात के बाद पूरा परिसर लगभग खाली हो जाता था।

इस बिल्डिंग के बारे में एक अजीब नियम था।

रात 3:03 बजे कोई भी कर्मचारी लिफ्ट नंबर 4 का इस्तेमाल नहीं करता था।

ऑफिशियल कारण था—"मेंटेनेंस।"

लेकिन असली वजह सिर्फ़ पुराने सिक्योरिटी गार्ड जानते थे।

वे कहते थे कि उस समय लिफ्ट किसी मंज़िल पर नहीं जाती...

वह किसी और जगह पहुँचाती है।

अगर आपको real horror story in hindi पढ़ना पसंद है, तो यह कहानी आपके रोंगटे खड़े कर देगी।

 


 

नई नौकरी

कबीर एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर था।

उसे उसी कंपनी में नाइट शिफ्ट मिली।

पहले दिन ऑफिस के सिक्योरिटी इंचार्ज ने उसे सिर्फ़ एक बात कही—

"अगर रात तीन बजे के बाद लिफ्ट अपने आप खुल जाए...

तो उसमें मत बैठना।"

कबीर हँस पड़ा।

उसे लगा यह नए कर्मचारियों को डराने का तरीका है।

 


 

ओवरटाइम

एक सप्ताह बाद कबीर को एक ज़रूरी प्रोजेक्ट पूरा करना था।

उस रात ऑफिस में सिर्फ़ तीन लोग बचे थे।

रात के 2:58 बजे बिजली कुछ सेकंड के लिए चली गई।

पूरा फ्लोर अंधेरे में डूब गया।

जब बिजली वापस आई...

तो कॉरिडोर के आखिर में लगी लिफ्ट नंबर 4 का दरवाज़ा धीरे-धीरे खुला।

अंदर कोई नहीं था।

लेकिन डिस्प्ले पर कोई मंज़िल नहीं लिखी थी।

सिर्फ़ एक शब्द चमक रहा था—

WELCOME

 


 

खाली लिफ्ट

जिज्ञासा में कबीर लिफ्ट के पास गया।

अंदर हल्की ठंडी हवा चल रही थी।

लिफ्ट के सभी बटन पुराने थे।

लेकिन एक अतिरिक्त बटन भी था।

उस पर सिर्फ़ लिखा था—

B-13

कंपनी की बिल्डिंग में B-13 नाम का कोई फ्लोर नहीं था।

 


 

पहली गलती

कबीर ने मज़ाक में B-13 का बटन दबा दिया।

दरवाज़ा अपने आप बंद हो गया।

लिफ्ट नीचे जाने लगी।

लेकिन स्क्रीन पर मंज़िलों की गिनती अजीब थी।

10...

5...

0...

-5...

-11...

-27...

फिर अचानक डिस्प्ले पूरी तरह काला हो गया।

 


 

दरवाज़ा खुला

कुछ सेकंड बाद लिफ्ट रुक गई।

दरवाज़ा खुला।

बाहर वही ऑफिस था...

लेकिन सब कुछ पुराना।

पुराने कंप्यूटर।

लकड़ी की मेज़ें।

ट्यूब लाइट की हल्की रोशनी।

और दर्जनों कर्मचारी अपने-अपने सिस्टम पर काम कर रहे थे।

सबके चेहरे नीचे झुके हुए थे।

एक भी व्यक्ति हिल नहीं रहा था।

 


 

अजीब नियम

कबीर धीरे-धीरे बाहर निकला।

तभी पीछे से एक महिला की आवाज़ आई—

"उनकी तरफ़ मत देखना..."

उसने पीछे मुड़कर देखा।

सफेद साड़ी पहने एक महिला लिफ्ट के पास खड़ी थी।

उसने कहा—

"अगर इनमें से किसी ने तुम्हें देख लिया...

तो तुम वापस नहीं जा पाओगे।"

 


 

आवाज़

उसी समय पूरे फ्लोर में एक साथ टाइपिंग की आवाज़ शुरू हो गई।

टक...टक...टक...

सैकड़ों कीबोर्ड एक साथ चल रहे थे।

लेकिन किसी के हाथ हिल नहीं रहे थे।

धीरे-धीरे सभी कर्मचारियों ने एक साथ अपना सिर ऊपर उठाया।

उनकी आँखें पूरी तरह काली थीं।

 


 

भागने की कोशिश

कबीर दौड़कर लिफ्ट की तरफ भागा।

लेकिन लिफ्ट गायब थी।

जहाँ कुछ सेकंड पहले दरवाज़ा था...

वहाँ अब सिर्फ़ एक सीमेंट की दीवार थी।

पूरे फ्लोर की लाइटें एक-एक करके बंद होने लगीं।

अब सिर्फ़ आख़िरी ट्यूब लाइट जल रही थी।

उसकी रोशनी में सभी कर्मचारी धीरे-धीरे उसकी तरफ चलने लगे।

 


 

पुरानी फ़ाइल

भागते-भागते कबीर एक मीटिंग रूम में घुस गया।

टेबल पर एक पुरानी फ़ाइल रखी थी।

उस पर लिखा था—

Fire Accident – 2003

फ़ाइल के अंदर दर्ज था कि इसी बिल्डिंग के बेसमेंट में भीषण आग लगी थी।

तेरह कर्मचारी धुएँ में फँस गए थे।

उनकी लाशें कभी नहीं मिलीं।

 


 

वापस लौटना

अचानक किसी ने कबीर का हाथ पकड़ लिया।

वही सफेद साड़ी वाली महिला।

उसने कहा—

"आँखें बंद करो..."

कबीर ने तुरंत आँखें बंद कर लीं।

कुछ सेकंड बाद उसे लिफ्ट की घंटी सुनाई दी।

जब उसने आँखें खोलीं...

वह फिर से अपने ऑफिस की चौथी मंज़िल पर था।

घड़ी में समय था—

3:04 AM

जैसे कुछ हुआ ही नहीं।

 


 

रिकॉर्डिंग

अगले दिन उसने सीसीटीवी फुटेज देखी।

वीडियो में साफ़ दिखाई दे रहा था कि रात तीन बजे वह लिफ्ट में घुसा।

लेकिन अगले छह मिनट तक...

लिफ्ट वहीं बंद खड़ी रही।

उसमें कोई हलचल नहीं हुई।

फिर दरवाज़ा खुला।

कबीर बाहर निकला।

लेकिन उसके पीछे कुछ सेकंड के लिए तेरह धुंधली परछाइयाँ भी दिखाई दीं।

और फिर अचानक गायब हो गईं।

 


 

आख़िरी ईमेल

दो दिन बाद कबीर के ऑफिस ईमेल पर एक नया संदेश आया।

भेजने वाले का नाम था—

B-13 Department

मेल में सिर्फ़ एक लाइन लिखी थी—

"आपकी अगली नाइट शिफ्ट कन्फर्म हो चुकी है।"

नीचे लिखा था—

Reporting Time: 3:03 AM

उसने तुरंत मेल डिलीट कर दिया।

लेकिन अगले दिन वह फिर इनबॉक्स में मौजूद था।

 


 

आज भी...

कंपनी के पुराने कर्मचारी आज भी नए लोगों को एक ही सलाह देते हैं—

अगर किसी बिल्डिंग में ऐसी लिफ्ट मिले जिसका कोई बटन आधिकारिक नक्शे में मौजूद न हो...

तो उसे कभी मत दबाना।

क्योंकि कुछ मंज़िलें...

इस दुनिया का हिस्सा नहीं होतीं।

अगर आपको ऐसी horror story in hindi पसंद आती है, तो ऐसी unexpected stories यह साबित करती हैं कि हर बंद दरवाज़े के पीछे सिर्फ़ एक कमरा नहीं होता...

कभी-कभी वहाँ एक पूरी दूसरी दुनिया आपका इंतज़ार कर रही होती है।

 

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