The Call from Room 13 – कमरा नंबर 13 से आया फोन
Author : Divant Sharma | Published On : 05 Nov 2026
रात के करीब 11 बजे थे। रोहन अपनी कार से एक लंबे सफर के बाद छोटे से शहर देवपुर पहुँचा। लगातार बारिश के कारण सड़कें खाली थीं और आसपास की दुकानों के शटर बंद हो चुके थे। उसे सुबह एक जरूरी मीटिंग में शामिल होना था, इसलिए उसने रात बिताने के लिए एक होटल खोजने का फैसला किया।
कुछ देर बाद उसे सड़क के किनारे एक पुराना होटल दिखाई दिया। उसके बाहर लगा बोर्ड आधा टूटा हुआ था, जिस पर लिखा था—“रॉयल रेजिडेंसी।”
रोहन रिसेप्शन पर पहुँचा और कमरा माँगा।
रिसेप्शन पर बैठे बुजुर्ग कर्मचारी ने रजिस्टर देखते हुए कहा, “कमरा नंबर 12 खाली है। आप वहाँ ठहर सकते हैं।”
रोहन ने चाबी ली, लेकिन कमरे की तरफ जाते समय उसकी नजर गलियारे के आखिरी दरवाजे पर पड़ी। उस पर बड़े अक्षरों में 13 लिखा हुआ था। दरवाजे पर मोटी जंजीर लगी थी।
उसने रिसेप्शनिस्ट से पूछा, “कमरा नंबर 13 बंद क्यों है?”
बुजुर्ग ने तुरंत उसकी तरफ देखा।
“उस कमरे के बारे में सवाल मत कीजिए। बस रात में अगर फोन बजे, तो उसे उठाने की गलती मत करना।”
रोहन हँस पड़ा। उसे लगा कि होटल कर्मचारी पुरानी कहानियों से मेहमानों को डराता है।
उसे क्या पता था कि कुछ घंटों बाद उसे अपनी गलती का एहसास होने वाला था।
आधी रात को बजा फोन
रोहन ने कमरे में पहुँचकर खाना खाया और सोने की तैयारी करने लगा। बाहर बारिश लगातार हो रही थी। होटल के पुराने पंखे की आवाज के बीच उसे धीरे-धीरे नींद आने लगी।
रात के ठीक 12:13 बजे कमरे में रखे टेलीफोन की घंटी बज उठी।
ट्रिन... ट्रिन... ट्रिन...
रोहन की नींद खुल गई। उसने फोन की तरफ देखा। स्क्रीन पर कोई नंबर नहीं था।
उसे रिसेप्शनिस्ट की चेतावनी याद आई, लेकिन उसने सोचा कि शायद कोई दूसरा मेहमान होगा।
उसने फोन उठा लिया।
“हैलो?”
दूसरी तरफ कुछ सेकंड तक खामोशी रही। फिर एक महिला की धीमी आवाज सुनाई दी।
“क्या आप मेरे कमरे में आ सकते हैं?”
रोहन ने पूछा, “आप कौन हैं? किस कमरे से बोल रही हैं?”
महिला ने फुसफुसाकर कहा, “कमरा नंबर 13।”
रोहन के हाथ ठंडे पड़ गए।
“लेकिन वह कमरा तो बंद है।”
महिला की आवाज अचानक बदल गई।
“तो फिर दरवाजे के बाहर कौन खड़ा है?”
उसी पल रोहन के कमरे के दरवाजे पर तीन बार दस्तक हुई।
ठक... ठक... ठक...
उसने फोन पटक दिया और दरवाजे की तरफ देखा। बाहर किसी के चलने की आवाज दूर जाती हुई सुनाई दी।
रोहन ने खुद को समझाया कि शायद कोई मजाक कर रहा था।
लेकिन फोन फिर बजने लगा।
गलियारे में खड़ी महिला
इस बार रोहन ने फोन नहीं उठाया। उसने रिसेप्शन पर कॉल करने के लिए दूसरा नंबर मिलाया, लेकिन फोन से केवल खरखराहट की आवाज आई।
कुछ मिनट बाद कमरे की लाइट झपकने लगी।
रोहन ने दरवाजा खोलकर गलियारे में देखा। वहाँ कोई नहीं था। मगर कमरे नंबर 13 की जंजीर फर्श पर पड़ी थी और दरवाजा थोड़ा खुला हुआ था।
अंदर से पीली रोशनी आ रही थी।
रोहन को वापस अपने कमरे में चले जाना चाहिए था, लेकिन उसकी उत्सुकता बढ़ गई। वह धीरे-धीरे दरवाजे के पास पहुँचा।
अंदर एक पुराना टेलीफोन मेज पर रखा था। दीवारों पर नमी के निशान थे और कमरे के बीचोंबीच एक कुर्सी रखी थी।
उस कुर्सी पर एक महिला बैठी थी।
उसके लंबे बाल चेहरे को ढँके हुए थे। उसने सफेद कपड़े पहन रखे थे और उसके हाथ में एक पुरानी तस्वीर थी।
रोहन ने पूछा, “आप कौन हैं?”
महिला ने धीरे-धीरे सिर उठाया।
उसका चेहरा देखकर रोहन पीछे हट गया। उसकी आँखें बंद थीं, लेकिन उसके चेहरे पर एक अजीब मुस्कान थी।
“आपने फोन क्यों उठाया?” उसने पूछा।
रोहन कुछ बोल पाता, उससे पहले कमरे का दरवाजा जोर से बंद हो गया।
महिला खड़ी हुई और उसकी तरफ बढ़ने लगी।
“अब आपको मेरी जगह रुकना होगा।”
होटल का पुराना रिकॉर्ड
रोहन ने दरवाजा खोलने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं खुला। उसने खिड़की से बाहर निकलने का रास्ता तलाशा। तभी उसकी नजर मेज पर रखी तस्वीर पर पड़ी।
तस्वीर में वही महिला होटल के बाहर खड़ी थी। तस्वीर के पीछे एक तारीख लिखी थी—13 जुलाई 2001।
उसके नीचे कुछ शब्द थे:
“आखिरी फोन कॉल।”
अचानक कमरे की दीवार पर लगे पुराने कैलेंडर के पन्ने अपने आप पलटने लगे। एक पन्ने पर रोहन की आज की तारीख दिखाई दी।
फिर टेलीफोन बज उठा।
महिला ने फोन की तरफ इशारा किया।
“उठाइए। इस बार आपको जवाब देना होगा।”
रोहन ने डरते हुए रिसीवर उठाया।
दूसरी तरफ रिसेप्शनिस्ट की आवाज थी।
“साहब, आप कमरा नंबर 13 में कैसे पहुँच गए? तुरंत वहाँ से निकलने की कोशिश कीजिए!”
रोहन चिल्लाया, “दरवाजा नहीं खुल रहा!”
बुजुर्ग ने घबराकर कहा, “उस कमरे में बीस साल पहले एक महिला ठहरी थी। उसने पूरी रात अपने परिवार को फोन किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। सुबह वह कमरे में मृत पाई गई। तब से हर साल उसी तारीख को उस कमरे से फोन आता है।”
रोहन ने घड़ी देखी।
12:59।
महिला अब उसके बिल्कुल पीछे खड़ी थी।
“मेरे परिवार ने फोन क्यों नहीं उठाया?” उसने पूछा।
रोहन ने काँपती आवाज में कहा, “मुझे नहीं पता।”
महिला ने जवाब दिया, “तो तुम मेरे साथ इंतजार करो।”
आखिरी कॉल
घड़ी में एक बजते ही कमरे का टेलीफोन शांत हो गया। महिला ने अपनी जेब से एक छोटा कागज निकाला और रोहन के हाथ में रख दिया।
उस पर एक फोन नंबर लिखा था।
“इस नंबर पर कॉल करो,” उसने कहा।
रोहन ने अपने मोबाइल से नंबर मिलाया। कई बार घंटी बजने के बाद किसी बूढ़े आदमी ने फोन उठाया।
“हैलो?”
रोहन ने घबराकर कहा, “क्या आप इस महिला को जानते हैं? वह होटल के कमरे नंबर 13 में है।”
दूसरी तरफ अचानक सन्नाटा छा गया।
फिर बूढ़े आदमी की रोती हुई आवाज आई।
“वह मेरी बहन थी। हम उसे कभी बचा नहीं पाए।”
फोन कट गया।
उसी क्षण कमरे का दरवाजा खुल गया। रोहन दौड़कर गलियारे में आया। रिसेप्शनिस्ट वहाँ खड़ा था।
दोनों ने कमरे के अंदर देखा।
कमरा खाली था। टेलीफोन मेज पर रखा था और जंजीर फिर से दरवाजे पर लगी हुई थी।
सुबह रोहन होटल छोड़कर चला गया।
लेकिन कई दिनों बाद उसके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से कॉल आई।
उसने फोन उठाया।
दूसरी तरफ वही महिला थी।
“मेरा फोन उठाने के लिए धन्यवाद।”
फिर धीमी आवाज में उसने कहा—
“अगली बार कमरा नंबर 13 तुम्हारा इंतजार करेगा।”
कहानी का रहस्य
रोहन ने उस नंबर पर दोबारा कॉल करने की कोशिश की, लेकिन हर बार फोन बंद मिला। उसने होटल के बारे में ऑनलाइन जानकारी खोजी। उसे एक पुरानी खबर मिली, जिसमें उसी होटल में वर्षों पहले हुई एक रहस्यमयी मौत का उल्लेख था।
हालाँकि खबर में कमरे से फोन आने जैसी किसी घटना की पुष्टि नहीं थी, लेकिन रोहन के लिए उस रात का अनुभव एक ऐसा रहस्य बन गया जिसे वह कभी भुला नहीं पाया।
अगर आपको real horror story in hindi जैसी रहस्यमयी कहानियाँ पसंद हैं, तो यह कहानी आपको डर और उत्सुकता दोनों का अनुभव करा सकती है। ऐसी ही दिलचस्प horror story in hindi पढ़ने वाले लोग अक्सर सोचते हैं कि अनजान फोन कॉल के पीछे क्या रहस्य छिपा हो सकता है।
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आपकी राय: अगर आधी रात को किसी बंद कमरे से फोन आए और दूसरी तरफ से कोई आपसे मदद माँगे, तो क्या आप फोन उठाएँगे?
नोट: यह कहानी काल्पनिक है और मनोरंजन के उद्देश्य से लिखी गई है।
