Devshayani Ekadashi 2026: पहली बार व्रत रख रहे हैं? जान�

Author : Gokuldham Mahatirth | Published On : 19 Jul 2026

हर साल आने वाली Devshayani Ekadashi 2026 भगवान श्रीहरि विष्णु को समर्पित एक अत्यंत पवित्र तिथि है। कई लोग इस दिन पहली बार व्रत रखते हैं, लेकिन उनके मन में कई सवाल होते हैं—व्रत कैसे रखें? क्या खाएं? पूजा किस समय करें? कौन-से नियमों का पालन करें? यदि आपके मन में भी ऐसे सवाल हैं, तो यह लेख आपके लिए है।

Devshayani Ekadashi 2026 कब है?

तिथि: 25 जुलाई 2026 (शनिवार)

इसे हरिशयनी एकादशी, विष्णु शयनी एकादशी और आषाढ़ी एकादशी भी कहा जाता है। इसी दिन से भगवान विष्णु योगनिद्रा में प्रवेश करते हैं और चातुर्मास प्रारंभ होता है।

क्या पहली बार व्रत रखा जा सकता है?

बिल्कुल। पहली बार व्रत रखने वाले भी श्रद्धा और नियम के साथ यह व्रत कर सकते हैं। यदि स्वास्थ्य कारणों से निर्जला व्रत संभव न हो, तो फलाहार या दूध-फल के साथ भी व्रत रखा जा सकता है।

सुबह की शुरुआत कैसे करें?

  • ब्रह्म मुहूर्त में उठें।
  • स्नान के जल में गंगाजल मिलाएं।
  • साफ और हल्के पीले या सफेद वस्त्र पहनें।
  • भगवान विष्णु का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें।

पूजा कैसे करें?

सबसे पहले भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी के चित्र या प्रतिमा के सामने घी का दीपक जलाएं। इसके बाद चंदन, अक्षत, पीले फूल, तुलसी दल और नैवेद्य अर्पित करें। अंत में विष्णु सहस्रनाम, श्री विष्णु चालीसा या "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" मंत्र का जाप करें।

व्रत के दौरान क्या खा सकते हैं?

  • फल
  • दूध
  • दही
  • मखाना
  • साबूदाना
  • सिंघाड़े का आटा
  • कुट्टू का आटा
  • सेंधा नमक

तामसिक भोजन, प्याज, लहसुन और अनाज का सेवन न करें।

इस दिन दान क्यों महत्वपूर्ण माना जाता है?

देवशयनी एकादशी पर दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। अन्नदान, वस्त्रदान, जलदान और गौ सेवा को विशेष महत्व दिया गया है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन किए गए सत्कर्म कई गुना फल प्रदान करते हैं।

गौ सेवा का विशेष महत्व

यदि संभव हो तो इस दिन गौ माता को हरा चारा, गुड़ या अनाज अवश्य खिलाएं। यदि आसपास गौशाला न हो, तो Gokuldham Mahatirth जैसी विश्वसनीय गौशाला में सहयोग देकर घायल, बेसहारा और जरूरतमंद गौ माता की सेवा में भागीदार बन सकते हैं।

व्रत का पारण कैसे करें?

अगले दिन द्वादशी तिथि में शुभ समय पर भगवान विष्णु को भोग लगाकर, तुलसी युक्त जल ग्रहण करें और फिर सात्विक भोजन के साथ व्रत का पारण करें। पारण में जल्दबाजी न करें और निर्धारित समय का पालन करें।

Devshayani Ekadashi 2026 पर मिलने वाले लाभ

  • भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है।
  • परिवार में सुख और समृद्धि आती है।
  • मन शांत और सकारात्मक रहता है।
  • आध्यात्मिक उन्नति होती है।
  • दान और सेवा से पुण्य की प्राप्ति होती है।
  • जीवन में संयम और अनुशासन बढ़ता है।

निष्कर्ष

Devshayani Ekadashi 2026 केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि आत्मचिंतन, सेवा, दान और भक्ति का अवसर है। यदि इस दिन सच्चे मन से भगवान विष्णु की पूजा की जाए, नियमों का पालन किया जाए और गौ सेवा जैसे पुण्य कार्य किए जाएं, तो यह दिन जीवन में सकारात्मक बदलाव और आध्यात्मिक संतुलन का माध्यम बन सकता है।